Sunday, February 14, 2010

गोरखपुर में नक्सली गिरफ्तार


गोरखपुर [जासं]। १४ जनवरी । लखनऊ एसटीएफ की टीम ने रविवार को गोरखपुर में नक्सली गतिविधियों में लिप्त एक युवक को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से नक्सली व अन्य आपत्तिजनक साहित्य मिला है। युवक यहां नक्सली गतिविधियों में शामिल होने की वजह से गिरफ्तार की गई अपनी बहन से मिलने आया था। पकड़े गए युवक की पहचान बिहार के कटिहार जिला अंतर्गत कुरसौला थाना के बसुलार गांव निवासी राजेंद्र के रूप में हुई है। राजेंद्र छह फरवरी को शाहपुर थाना क्षेत्र के कृष्णानगर प्राइवेट कालोनी से पकड़ी गई हीरामनी उर्फ आशा मुंडा का भाई है। आशा का बेटा यहां कृष्णनगर में किराये का कमरा लेकर पढ़ता है। वह बेटे से मिलने आती रहती थी। वह इसी आड़ में नक्सली आदोलन से लोगों को जोड़ने और अन्य गतिविधियों को अंजाम देने का काम करती थी। सूचना मिलने के बाद एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार किया था। उससे यहां पूछताछ के बाद इलाहाबाद व कानपुर से कई नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया।

एसटीएफ लखनऊ के अपर पुलिस अधीक्षक मनोज झा ने बताया कानपुर में पकड़े गए नक्सलियों से पूछताछ के बाद राजेंद्र के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस उसकी तलाश में थी। रविवार सुबह उसे कैंट थाना क्षेत्र में शनि मंदिर के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने खुद को भाकपा [माओवादी] का सक्रिय सदस्य तथा नक्सली गतिविधियों में लिप्त बताया है। राजेंद्र को उसकी बहन आशा मुंडा ने कानपुर के किदवईनगर में मकान खरीद कर दिया था। राजेंद्र वहीं से गतिविधियों को संचालित करता था। कानपुर जाने पर आशा भी भाई के पास रुकती थी।

लखनऊ जेल पर माओवादी हमले की योजना
इलाहाबाद। भाकपा [माओवादी] की आर्मी विंग लखनऊ जेल पर हमले का प्लान बना चुकी है। इस बारे में एटीएस को पता चला तो पुलिस के कान खड़े हो गए। खाका हाल में गिरफ्तार शीर्ष माओवादी नेता बलराज उर्फ बीआर को छुड़ाने के लिए तैयार किया गया था। इस खबर के मिलते ही जेल की सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी कर दी गई।

एटीएस की प्रारंभिक तहकीकात में सामने आया कि माओवादियों ने बड़ी साजिश को अंजाम देने को उत्तराखंड से लेकर बलिया तक रेकी कर ली थी। वह प्रदेश में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देते इससे पहले ही इलाहाबाद, लखनऊ और कानपुर से माओवादियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें एक शीर्ष नेता बलराज उर्फ बीआर को भी पकड़ा गया। एटीएस अधिकारी के मुताबिक इसके जिम्मे उत्तर प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में साजिश को अंजाम देना था। इसके पास से बरामद की गई लेखा सामग्री किसी भी शख्स की विचारधारा बदल सकती है। इस बाबत एडीजी जेल सुलखान सिंह ने कहा कि प्रदेश की सभी महत्वपूर्ण जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता है। किसी प्रकार के हालात से निपटने को जेल प्रशासन तैयार है।

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