Tuesday, May 18, 2010

गवर्नर व मुख्यमंत्री ने घायलों का हाल-चाल पूछा


दंतेवाड़ा 18 मई. छत्तीसगढ़ के घने जंगलों वाले दंतेवाड़ा जिले में सोमवार शाम हुए नक्सली हमले में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रध्दांजलि देने के लिए मंगलवार को रायपाल शेखर दत्त, मुख्यमंत्री रमन सिंह, गृह मंत्री ननकीराम कंवर, पुलिस महानिदेशक विश्व रंजन सहित कई वरिष्ठ सुकमा पहुंचे। इन सभी ने सुकमा अस्पताल में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा- नागरिकों को सुनियोजित ढंग से निशाना बनाना अचंभित करता है। इससे स्पष्ट होता है कि नक्सली पुलिस और अर्धसैनिक बलों को हतोत्साहित करना चाहते हैं। हमले के चौबीस घंटे के बाद भी स्थानीय लोगों में भय व्याप्त है। नक्सलियों द्वारा 48 घंटे के बंद के आह्वान के मद्देनजर सुरक्षा बलों ने और हमलों की आशंका जताई है। हमले में घायल 15 लोग अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। नक्सलियों ने सोमवार को एक बस को बारूदी सुरंग विस्फोट के जरिए उड़ा दिया था, जिसमें कम से कम 35 विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) और नागरिक मारे गए थे। उधर, मंगलवार से शुरू नक्सलियों के दो दिवसीय बंद की वजह से राय के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। बंद से बस्तर क्षेत्र, राजनांदगांव के कुछ हिस्सों में तथा रायपुर व धमतरी के ग्रामीण इलाकों में जनजीवन बाधित हुआ है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार सड़कों पर यात्री बसें नहीं चल रही हैं। बस्तर के कई क्षेत्रों में जंगल से होकर गुजरने वाली सड़कों पर लकड़ी के लट्ठे रखकर नक्सलियों ने सड़क मार्ग बाधित किया है। बस्तर क्षेत्र के मुख्यालय जगदलपुर में कार्यरत एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा- बस्तर में पूर्ण आतंक जैसी स्थिति है। नक्सली हमले की आशंका को देखते हुए लोग डरे हुए हैं। दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अमरेश मिश्रा ने कहा- अब तक हमने 31 शव बरामद कर लिए हैं, जिसमें एसपीओ और नागरिक शामिल हैं। कई शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिले, इसी वजह से शवों की शिनाख्त मुश्किल हो रही है, लेकिन मरने वाले एसपीओ की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। मिश्रा ने कहा- मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि हमें खबर मिली है कि स्थानीय लोगों की सहायता से पांच नागरिकों के शव बरामद किए गए हैं। 15 घायलों में से 14 एसपीओ की हालत नाजुक बनी हुई है। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। मिश्रा ने कहा- हमले में घायल 25 अन्य नागरिकों को मामूली चोटें लगी थी। पुलिस को सूचित किए बगैर वे अपने घर लौट चुके हैं। हम उनके घरों का पता लगा रहे हैं ताकि उन्हें चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाई जा सके।

No comments:

Post a Comment